नये वर्ष में भी रहेगी चिप की कमी : रिपोर्ट
नयी दिल्ली 10 जनवरी (वार्ता) रेटिंग एजेंसी मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि पिछले वर्ष वैश्विक स्तर पर कार उत्पादन और सेंसर का उपयोग करने वाले अन्य उद्योगों को प्रभावित कर चुकी चिप की कमी नये वर्ष में भी जारी रहेगी लेकिन स्थिति वर्ष 2021 जितनी खराब रहने की संभावना नहीं है।
मूडीज की सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना के नये स्वरूप ओमीक्रॉन के तेजी से पांव पसारने के बावजूद सेमीकंडक्टर की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देश मलेशिया, वियतनाम, ताइवान, कोरिया और जापान में अधिकांश लोगों का टीकाकरण हो जाने से चिप निर्माण के कम प्रभावित होने की उम्मीद है। इन देशों में टीकाकरण हो जाने से उत्पादन में वैसी रुकावट आने की संभावना नहीं है, जिस तरह से वर्ष 2021 के मध्य डेल्टा लहर के दौरान थी।रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे चिप की मांग बढ़ रही है, सेमीकंडक्टर उत्पादकों ने अपनी क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अलावा दुनिया भर की सरकारें चिप निर्माण के लिए घरेलू क्षमता तैयार करने की योजना पर काम कर रही हैं। भारत ने चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोत्साहन योजना पहले ही लागू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, “भारत ने प्रमुख सेमीकंडक्टर निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए एक नई योजना की भी घोषणा की है। विशेष रूप से ताइवान से, जिसके साथ वह एक मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहा है। ताइवान, कोरिया और चीन के प्रमुख चिप निर्माताओं ने घरेलू स्तर पर भी परिचालन का विस्तार करने की योजना की घोषणा की है। चिप निर्माताओं का पूंजीगत व्यय पिछले एक साल में 15 प्रतिशत बढ़ा है और यहां भी इसी तरह की वृद्धि की उम्मीद है।”
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