अखिलेश के शासनकाल में उप्र में हुये थे 700 दंगे: अमित शाह

 मुरादाबाद, 30 दिसंबर (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के 15 साल के शासनकाल में चौधरी चरणसिंह की कर्मभूमि पश्चिम उत्तर प्रदेश को दंगो से लहुलुहान करने का आरोप लगाते हुये कहा कि अकेले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के शासनकाल में यूपी में 700 दंगे हुए थे।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी शाह ने गुरुवार को मुरादाबाद में जन विश्वास यात्रा काे संबोधित करते हुये कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिये वचनबद्ध योगी सरकार ने इस इलाके को कानून व्यवस्था के लिहाज से महफूज बनाया है। भाजपा की जन विश्वास यात्रा के मुरादाबाद पहुंचने पर बुद्धि विहार मैदान में शाह ने कहा, “पिछले 25 साल तक बुआ बबुआ के राज में, पीतल नगरी अपनी पहचान खो चुकी थी, हमने एक जनपद एक उत्पाद से जोड़कर पीतलनगरी को उसकी पहचान दिलाई है।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनसभाओं में उमड़ता जनसैलाब इस बात का गवाह है कि भाजपा चौथी बार इस राज्य में चुनावी सफलता के झंडे गाड़ेगी। शाह ने कहा, “अखिलेश के शासन में 700 दंगे हुए थे, उन्होंने चौधरी चरण सिंह की धरती को लहुहान कर दिया। अखिलेश बाबू के ‘निजाम’ का मतलब है, एन से नसीमुद्दीन, आई से इमरान, ए से आजम और एम का मतलब मुख्तार था।”

शाह ने कहा कि प्रदेश को अखिलेश में ‘लैब’ बना दिया था। इसमें एल का मतलब, लूट जो कन्नौज की दीवारों से निकल रही है ,ए का मतलब आतंकवाद, जिसकी बदौलत रामपुर में आजम खान द्वारा गरीबों की एक हजार एकड़ जमीन हड़प ली गई थी और बी का मतलब था भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को संपन्न बनाया। किसानों को उनकी फसल की कीमत दिलाई और एथनॉल बनाकर किसानों को तरक्की दी।

शाह ने कहा, “मैं अखिलेश जी से पूछना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश की जनता आपसे हिसाब मांगती है कि आपके शासन में कितने दंगे हुए थे, लेकिन वो जवाब नहीं देते हैं।” उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश गन्ने का क्षेत्र है, लेकिन इनको तो गन्ने का पता ही नहीं है, इन्हें केवल जिन्ना के अलावा कुछ याद ही नहीं, इसीलिए यह केवल जिन्ना जिन्ना करते हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि अखिलेश के शासन काल में गन्ना किसानों को भुगतान नहीं होता था। लेकिन, भाजपा की योगी सरकार ने 90 प्रतिशत गन्ना किसानों का भुगतान कर दिया है। शाह ने कहा कि पिछली बार मुरादाबाद में जो गलती हुई, इस बार ऐसी गलती दोबारा नहीं करनी है, सजगतापूर्वक मुरादाबाद जिले की सभी छह सीटें जीतनी हैं।

गौरतलब है कि मुरादाबाद मंडल सपा का गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में इस मंडल की 27 में से 13 विधानसभा सीटें सपा को मिली थीं। वहीं, मुरादाबाद जिले की 6 में से 4 विधानसभा सीटों पर सपा काबिज है। ऐसे में शाह के लिए सपा के इस किले को फतह करना आसान काम नहीं होगा। जिले में 55 फीसदी मुस्लिम वोटरों वाली 2 सीटें मुरादाबाद ग्रामीण और कुंदरकी विधानसभा सीट भी शामिल हैं।

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