मुसलमानो का उत्पीड़न कर रही है भाजपा सरकार : मायावती
लखनऊ 30 नवंबर (वार्ता) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर मुसलमानो काे फर्जी मुकदमो में फंसा कर उनका उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
सुश्री मायावती ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार में धार्मिक अल्पसंख्यक खासकर मुस्लिम समाज के लोग हर मामले में व हर स्तर पर काफी ज्यादा दुःखी नजर आते हैं। यूपी की भाजपा सरकार में अब इनकी तरक्की होनी भी लगभग बन्द सी हो गई है तथा ज्यादातर फर्जी मुकदमों में फँसाकर इनका काफी उत्पीड़न भी किया जा रहा है।उन्होने कहा कि नए-नए नियमो कानूनों से मुसलमानो में दहशत पैदा की जा रही है। साफ तौर पर भाजपा इनके प्रति सौतेला रवैया अपना रही है जबकि बसपा की रही सरकारों में इनकी तरक्की के साथ-साथ इनके जान-माल की भी पूरी-पूरी इफाजत की गई। इसके साथ जाट समाज के लोगों की भी तरक्की व खुशहाली का पूरा-पूरा ध्यान बसपा की सरकारों में रखा गया।
मायावती ने कहा कि बसपा की सरकार बनने पर इन सभी वर्गों के हित व कल्याण का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाएगा और इन सबके बारे में प्रदेश में पार्टी के ओबीसी, जाट एवं मुस्लिम समाज के पदाधिकारी अपने-अपने समाज की छोटी-छोटी बैठकों के ज़रिये काफी कुछ बता रहे हैं जिसके कारण इन वर्गाें के लोग बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़ रहे हैं।
बसपा अध्यक्ष ने फिर दोहराया कि उनकी पार्टी यूपी विधानसभा का अगला आमचुनाव सभी 403 सीटों पर अकेले अपने बूते पर ही पूरी तैयारी के साथ लड़ेगी और उन्हें उम्मीद है कि 2007 की तरह ही पूर्ण बहुमत की सरकार यहाँ फिर से जरूर बनाएगी।
उन्होने कहा कि आजादी के बाद से लम्बे समय तक केन्द्र में रही कांग्रेस की सरकार के समय में मण्डल कमीशन की रिपोर्ट आने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया जिसे बसपा ने अथक प्रयासों से केन्द्र मे रही वीपी सिंह सरकार से लागू करवाया था और तब फिर जाकर देश में ओबीसीवर्गों के लोगों को दलितों व आदिवासियों की तरह, इन्हें भी काफी कुछ यह आरक्षण की सुविधा मिली है, जिसे अब केन्द्र व राज्यों की भी जातिवादी सरकारें इनके आरक्षण को आए दिन नये-नये नियम व कानून आदि बनाकर तथा कोर्ट-कचेहरी का भी सहारा लेकर प्रभावहीन बनाने में लगी है। यही हाल यहाँ इन वर्गोंं का यूपी में भी देखने के लिए मिल रहा है।
मायावती ने कहा कि देश में दलितों आदिवासियों व अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के साथ हर स्तर पर हो रही जुल्म-ज्यादती भी अभी तक पूरे तौर से बन्द नहीं हुई है। इसके अलावा, ओबीसी समाज की केन्द्र की सरकार से जो इनकी अलग से जातिगत जनगणना कराने की माँग चल रही है जिससे बसपा पूरे तौर से सहमत है, उसे भी अब केन्द्र सरकार द्वारा जातिवादी मानसिकता के तहत् चलकर नजर अन्दाज किया जा रहा है।
सपा द्वारा छोटे दलों से गठबंधन करकेे चुनाव लड़ने की तैयारी और भाजपा की तरह जीत का दावा करने के सम्बंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मायावती ने कहा कि यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि किस पार्टी में कितना है दम तथा जहाँ तक चुनावी गठबंधन के बारे में प्रश्न है तो उन्होने कई बार साफ-साफ कहा है कि बसपा विधानसभा का अगला आमचुनाव सभी 403 सीटों पर अकेले अपने बूते पर ही पूरी तैयार के साथ लड़ेगी। भाजपा सरकार के खिलाफ बसपा का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है।
विभिन्न पार्टियों के 12 राज्यसभा सांसदों के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलम्बन से उठे नए विवाद व टकराव सम्बंधी पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि यह संसद के चालू शीतकालीन सत्र का नहीं बल्कि पिछले मानसून सत्र का मामला है जिस पर अब कार्यवाही की गई है। सरकार को इतना कड़ा रूख नहीं अपनाना चाहिए बल्कि आपस में बातचीत करके इस मामले को सुलझा लेना चाहिए ताकि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके।
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