एक भाजपा और छह बसपा विधायक सपा में हुये शामिल

 


लखनऊ 30 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के छह बागी विधायकों ने शनिवार को यहां समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन विधायकों को सपा में शामिल करने की औपचारिक घोषणा करते हुये कहा कि अभी बहुत से नेता ऐसे हैं जो सपा में आना चाहते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा विधायक राकेश राठौर के साथ बसपा के असलम राइनी, मुजतबा सिद्दिकी, हरगोविंद भार्गव, सुषमा पटेल, असलम अली चौधरी तथा हाकिम लाल बिंद को सपा की सदस्यता ग्रहण करायी। गौरतलब है कि राठौर सीतापुर सदर सीट से भाजपा के विधायक है। जबकि राइनी श्रावस्ती की भिनगा सीट से, सिद्दिकी प्रयागराज की प्रतापपुर सीट से, भार्गव सीतापुर की सिधौली सीट से, पटेल बादशाहपुर की मुंगरा सीट से, चौधरी हापुड़ की ढोलाना सीट से और बिंद प्रयागराज की हंडिया सीट से विधायक हैं।

उल्लेखनीय है कि बसपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में इन छह विधायकों को इस साल पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

इस मौके पर संवाददाता सम्मेलन में यादव ने भाजपा के सदस्यता अभियान मेरा परिवार भाजपा परिवार पर तंज कसते हुये कहा कि अब यह नारा बदल कर 'मेरा परिवार भागता परिवार' हो गया है। उल्लेखनीय है कि गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लखनऊ में एक महीने तक चलने वाले भाजपा के सदस्यता अभियान 'मेरा परिवार भाजपा परिवार' का आगाज किया था।

चुनाव से ठीक पहले दूसरे दलों के विधायकों को लेने से सपा में असंतोष बढ़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इन नेताओं का सपा में आना उनके इस दावे की पुष्टि करता है कि भाजपा से जनता बहुत दुखी है और आगामी चुनाव में उसका सफाया होना तय है।

यादव ने भाजपा के घोषणा पत्र का जिक्र करते हुये कहा कि योगी सरकार ने अपने किसी भी चुनावी वादे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल पा रहा है और ना ही प्राकृतिक आपदा में नष्ट हुयी फसल की क्षति का हर्जाना मिला।

यादव ने कहा कि भाजपा ने कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में सुधार का वादा किया था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश के किसान जानना चाहते हैं कि भाजपा राज में मंडियों का तंत्र ध्वस्त किये जाने के बाद अब तक इसमें कितना सुधार आया है। उन्होंने कहा कि बुदेलखंड की जनता ने पिछले चुनाव में भाजपा पर सबसे ज्यादा भरोसा किया था लेकिन इस क्षेत्र के लोगों को ना सिंचाई के लिये पानी मिला ना ही पेयजल मिला। उन्होंने कहा कि कारोना काल में जो मजदूर उत्तर प्रदेश पहुंचे थे उन्हें भी निराश होकर वापस जाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर पिछले चुनाव में भाजपा जीती थी।

यादव ने कहा कि योगी सरकार कोई नया काम शुरु कर तो दूर, समाजवादी सरकार के कामों को भी आगे नहीं बढ़ा पायी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुफ्त लेपटाप और एक जीबी इंटरनेट मुफ्त देने का वादा किया था लेकिन, कोई बताये कि इंटरनेट कहां है? उन्होंने कहा कि झांसी में मेट्रो रेल चलाने और इस ऐतिहासिक नगरी को दिल्ली तक एक्सप्रेस वे से जोड़ने का वादा किया था, लेकिन ना तो झांसी में मेट्रो बनी ना ही गोरखपुर में बन सकी। यादव ने कहा कि यही हाल नदियों की सफाई का है।

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