गीता को राष्ट्रीय पुस्तक का दर्जा दिया जाए: विहिप

नयी दिल्ली, 30 सितंबर (वार्ता) विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने सरकार से गीता को राष्ट्रीय पुस्तक का दर्जा देने की मांग की है और कहा है कि शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम में गीता को अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए।

विहिप के राष्ट्रीय सचिव राधा कृष्ण मनोडि ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विहिप ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि शिक्षकों और छात्रों में अच्छी भावना और कर्तव्य निर्वाह के बोध के लिए पठन-पाठन में गीता को अनिवार्य बनाया जाए।

उन्होंने कहा, “अच्छे वेतनमान और सुख-सुविधाओं के बावजूद भी शिक्षकों का अपने कर्तव्य बोध का निर्वाह न होना चिंतनीय हैं। लगातार शिक्षा में नैतिक मूल्यों के पतन वैश्विक पटल पर हमारी सुसंगठित बौद्धिक प्रतिभा का अपमान है। इसलिए प्रत्येक शिक्षक को प्रशिक्षण के दौरान गीता के सभी अध्यायों का अध्ययन अध्यापन करना अनिवार्य बनाया जाए।”

श्री मनोड़ि ने कहा, “ हर चौखट गीता की अलख जगाने के लिए विश्व गीता संस्थान घर घर गीता पहुंचाने के लक्ष्य रखना ज़रूरी है। हमारे समाज में आत्मसात होती पाश्चात्य संस्कृति की कुरीतियों पर प्रहार करने के लिए गीता का देश के अंदर व्यापक प्रचार-प्रसार ज़रूरी है।”

उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों या नौकरशाहों में मूल्यवर्धन और कर्तव्य निर्वहन की भावना को संवर्धित करने के लिए गीता के सभी अध्यायों का एक तय अवधि में गीता पखवाड़ा आयोजित करवाना चाहिए।

श्री मनोड़ि ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार हमारी इन मांगों को उचित सम्मान देते हुए उपयुक्त कदम उठाएगी।

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