टूरिस्ट गाइडों को एक-एक लाख, ट्रैवल एजेंसियों को 10-10 लाख की मदद
नयी दिल्ली 28 जून (वार्ता) सरकार ने कोविड 19 महामारी के कारण पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में काम करने वाली एजेंसियों और क्षेत्रीय गाइडों के लिए वित्तीय पैकेज की घोषणा के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन खुलने पर भारत आने वाले पहले पांच लाख सैलानियाें को मुफ्त वीसा देने का फैसला किया है।
वित्त एवं कारपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण में आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कोविड 19 महामारी से प्रभावित विभिन्न वर्गाें के लिए 6,28,993 करोड़ रुपए के पैकेज का विवरण देते हुए यह जानकारी दी।श्रीमती सीतारमण ने पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के लिए नयी ऋण योजना की घोषणा की जिसमें दस हजार सात सौ क्षेत्रीय पर्यटक गाइडोें को एक एक लाख रुपये तथा 904 पर्यटन एवं यात्रा उद्योग से जुड़ी एजेंसियों को अपनी देनदारियों के भुगतान के लिए दस-दस लाख रुपये का ऋण मुहैया कराया जायेगा। इसके लिए बैंक कोई गारंटी नहीं मांगेंगे और ना ही कोई प्रोसेसिंग शुल्क लेंगे। ऋण को समय से पहले चुकाने वालों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जायेगा।
सरकार ने कोविड-19 महामारी के बाद देश में विदेशी पर्यटन को तेजी से बहाल करने के मकसद से यह भी फैसला किया है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध हटने एवं पर्यटन बहाल होने के बाद भारत आने वाले पहले पांच लाख सैलानियों को मुफ्त वीसा दिया जायेगा। इसके लिए सरकार ने सौ करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि विदेशी पर्यटन विदेशी मुद्रा अर्जन का बहुत बड़ा स्रोत है। वर्ष 2019 में भारत में एक करोड़ नौ लाख और 30 हजार विदेशी सैलानी आये थे। इन सैलानियों के आने से भारत को 30 अरब नौ करोड़ 80 लाख डॉलर की आमदनी हुई। प्रत्येक सैलानी ने भारत में औसतन 21 दिन गुजारे और प्रतिदिन औसतन 34 डॉलर यानी करीब 2400 रुपये व्यय किये।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस पैकेज से पर्यटन उद्योग को जो नुकसान हुआ है, उसकी काफी हद तक भरपायी होने की उम्मीद है।
सचिन
वार्ता
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