चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम हुआ तेज

 लखनऊ 28 अप्रैल, (वार्ता) कोरोना संक्रमण से मरीजों की जान बचाने के प्रयासों की कड़ी में चिकित्सा संस्थानों पर आक्सीजन प्लांट लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों में बनाए गए कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन गैस की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगना शुरू हो गए हैं। सरकार ने 13 मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में पीएसए आधारित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। निजी अस्पतालों में सरकारी खर्च से ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम भी गति पकड़ने लगा है।
उन्होने बताया कि सभी राजकीय क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में ऑक्सीजन गैस की निर्बाध आपूर्ति और व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश के ऐसे निजी मेडिकल कॉलेज और संस्थान जिनमें एलएमओ आधारित ऑक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं हैं, उनमें राजकीय बजट से ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की स्थापना के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
सूत्रों ने दावा किया कि बांदा, आजमगढ़, बहराइच, बस्ती, जालौन, अयोध्या में कोरोना से संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। प्रदेश के इन छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने का काम तेज हो गया है। इन अस्पतालों में एलएमओ आधारित ऑक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं हैं और ऑक्सीजन की आपूर्ति सिलेंडरों से की जा रही है। यहां पीएसए तकनीक पर आधारित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाए जाने की परियोजना पर काम तेज गति से चल रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में पीएसए आधारित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की स्थापना की जा रही है।
प्रदेश के अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, बदायूं और फिरोजाबाद जैसे शहरों में पीएम केयर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम तेज हो गया है। इन चार मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की स्थापना के लिए पीएम केयर्स फंड से धनराशि स्वीकृत कराने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजा गया था।
प्रदीप

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