पुलिस ने दिखाया मानवीय चेहरा
पवन गुप्ता
जौनपुर। मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के अंबरपुर गांव निवासी तिलकधारी सिंह की पत्नी राजकुमारी देवी (55 साल) की तबीयत खराब थी। जिसके बाद पति मंगलवार को अपनी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां राजकुमारी की मौत हो गई। पत्नी की मौत होने के बाद अस्पताल से एंबुलेंस शव को उनके घर छोड़ गई। घर पर शव पहुंचते ही ग्रामीणों ने कोरोना के डर से मुंह मोड़ लिया और अपने-अपने दरवाजे बंद कर लिए। शव की स्थिति खराब होती देख पति ने शव जलाने का संकल्प लेकर पत्नी के मृत शरीर को साइकिल पर लादकर अकेला नदी के किनारे दाह संस्कार करने के लिए चल पड़ा। अभी नदी के किनारे चिता भी नहीं लग पाया था कि गांव के लोगों ने पहुंचकर मानवता को तार-तार करते हुए साइकिल से दाह संस्कार करने जा रहे पति को रोक दिया।
बेबस पति साइकिल पर लादकर शव श्मशान घाट की तरफ चल पड़ा। इस दौरान उसके हाथ से साइकिल छूट गई। जिससे शव और साइकिल रोड पर पड़ी रही। हालांकि जब इसकी सूचना मड़ियाहूं कोतवाल मुन्ना राम धुसियां को मिली तो वह गांव पहुंचकर शव को वापस घर लाए और कफन समेत दाह संस्कार का सामान मंगवाकर शव को पूरे रीति-रिवाज के साथ जौनपुर स्थित रामघाट पर भेजवाया, तब जाकर मृत महिला का अंतिम संस्कार हो सका।
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