कृषि के लिए आधुनिकता और नयापन जरूरी : मोदी
नई दिल्ली 28 मार्च (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि के लिए आधुनिकता और नयेपन पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि, ऐसा नहीं करने पर यह बोझ बन जाएगी।
प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात ' के 75वें संस्करण में कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिकता बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे रोजगार के अवसरों का सृजन होगा और किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “जीवन के हर क्षेत्र में, नयापन, आधुनिकता, अनिवार्य होती है, वरना, वही, कभी-कभी, हमारे लिए बोझ बन जाती है। भारत के कृषि जगत में–आधुनिकता, ये समय की मांग है। बहुत देर हो चुकी है। हम बहुत समय गवां चुके हैं। कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए, परंपरागत कृषि के साथ ही, नए विकल्पों को, नए-नए नवाचार को, अपनाना भी, उतना ही जरूरी है।”श्री मोदी ने कहा कि श्वेत क्रांति के दौरान, देश ने इसे अनुभव किया है। अब मधुमक्खी पालन भी ऐसा ही एक विकल्प बन करके उभर रहा है। मधुमक्खी पालन देश में शहद क्रांति का आधार बना रहा है। बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़ रहे हैं, नवाचार कर रहे हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में एक गाँव गुरदुम का उल्लेख किया और कहा कि पहाड़ों की इतनी ऊँचाई, भौगोलिक दिक्कतें, लेकिन, यहाँ के लोगों ने मधुमक्खी पालन का काम शुरू किया, और आज, इस जगह पर बने शहद की, मधु की, अच्छी मांग हो रही है। इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है।
सत्या, उप्रेती
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