सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा व बसपा के सदस्यों ने किया परिषद से बहिर्गमन
लखनऊ, 22 फरवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने बढ़ती महंगाई जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों ने किसान आन्दोलन के दौरान घायल एवं मृत किसानों को मुआवजे देने की सूचना पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर आज सदन से बहिर्गमन किया।
इसके पहले नेता सदन डा0 दिनेश शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 के आय व्ययक को प्रस्तुत किया और बजट प्रस्तुत करते उन्होंने सरकार की उपलब्धियों एवं सरकार द्वारा विभिन्न मदों में किये गये प्रावधानों को सदन में प्रस्तुत किया।शून्य प्रहर में सपा के सर्वश्री अहमद हसन, राजेन्द्र चौधरी, राम सुन्द्रर दास ’निषाद’, आनन्द भदौरिया, बासुदेव
यादव एवं अन्य सदस्यों ने प्रदेश में बढ़ती मंहगाई से आम जीवन को हो रही असुविधा के संबंध में कार्यस्थगन की सूचना दी। इसी विषय से संबन्धित कांग्रेस के दीपक सिंह की नियम-105 की सूचना को उक्त सूचना के साथ सम्बद्ध किया गया। सूचना की ग्राहय्ता पर सपा के राम सुन्दर दास ,आनन्द भदौरिया, सुनील सिंह साजन, आशुतोष सिन्हा, शशंक यादव, राम अवध यादव, जितेन्द्र यादव एवं कांग्रेस के दीपक सिंह ने विचार व्यक्त किये।
नेता सदन ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सरकार के उत्तर से संतुष्ट न होने के कारण सपा के सभी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। सभापति कुॅवर मानवेन्द्र सिंह ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए संदर्भित किये जाने के निर्देश दिये।
इसके अलावा बसपा के दिनेश चन्द्रा, अतर सिंह राव, सुरेश कुमार कश्यप, महमूद अली एवं भीमराव अम्बेडकर ने प्रदेश में कृषि कानून के विरोध में आन्दोलन कर रहे घायल एवं मृत किसानों को मुआवजा दिलाये जाने के संबंध में कार्यस्थगन की सूचना दी। सूचना की ग्राहय्ता पर सुरेश कुमार कश्यप एवं दिनेश चन्द्रा ने अपने विचार व्यक्त किये।
नेता सदन श्री शर्मा ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सरकार के उत्तर से संतुष्ट न होने के कारण दिनेश चन्द्रा एवं बसपा के सभी सदस्यों द्वारा सदन का त्याग किया। सभापति श्री सिंह ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर
उसे सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए संदर्भित किये जाने के निर्देश दिये।
शून्य प्रहर में शिक्षक दल के सुरेश कुमार त्रिपाठी एवं ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक
विद्यालयों में वर्ष 2000 के बाद नियुक्त शिक्षकों का विनियमितीकरण कराये जाने के संबंध कार्यस्थगन की सूचना दी। इसी विषय से संबन्धित निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चन्देल की नियम-105 की सूचना को उक्त सूचना के साथ सम्बद्ध किया गया। सूचना की ग्राहय्ता पर शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, निर्दलीय समूह के डा0 आकाश अग्रवाल एवं राजबहादुर सिंह चन्देल ने अपने विचार व्यक्त किये।
नेता सदन श्री शर्मा ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सभापति श्री सिंह ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए संदर्भित किये जाने के निर्देष दिये।
सपा के नरेश उत्तम, राम सुन्दर दास ’निषाद’, राजेश यादव ’राजू’, आनन्द भदौरिया एवं अन्य सदस्यों ने
प्रदेष में अनुसूचित जाति/जनजाति तथा पिछड़े वर्ग को संविधान में दी गयी शासन /प्रशासन में भागीदारी (सरकारी नौकरियों में आरक्षण) की व्यवस्था को समाप्त करने पर आमादा होने के संबंध में सूचना दी। सूचना की ग्राहय्ता पर सपा
के सर्वश्री बासुदेव यादव, डा0 राजपाल कश्यप, संतोष यादव ’सनी’ एवं राम सुन्दर दास ’निषाद’ ने विचार व्यक्त किये।
संबन्धित मंत्री ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सरकार के उत्तर से संतुष्ट न होने के कारण सपा के सभी सदस्यों ने सदन का त्याग किया। सभापति श्री सिंह ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर उसे सरकार को आवश्यक
कार्यवाही के लिए संदर्भित किये जाने के निर्देश दिये।
शून्य प्रहर के बाद कार्यसूची की मदों को निपटाया गया। याचिकाओं को याचिका समिति को संदर्भित किया
गया। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सदस्य विधान परिषद ने राज्यपाल महोदया के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी चर्चा में भाग लेते हुये कहा कि ’यह अभिभाषण हमारी सरकार की उपलब्धियों का जीता-जागता उदाहरण है। कोविड-19 के इस बुरे दोर से गुजरते हुये इस पर हमने जल्दी काबू पा लिया और दो स्वदेशी वैक्सीन भी बना ली है। हमने कठिन से कठिन दौर पर जल्दी काबू पा लिया। हमारी सरकार ने इस कठिन दौर में भी अनेक उपलब्धियों
को प्राप्त किया है। मैं इसका पुरजोर समर्थन करता हूॅ।
जय पाल सिंह ’व्यस्त’ ने धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में कहा कि जब विश्व की अनेक महा शक्तियां काविड के समक्ष अपने आप को असाहय महसूस कर रही थी। इससे लड़ने में अपने आप को अक्षम महसूस कर रही थी तब हमने इससे शीघ्र ही इससे उभरने का अच्छा प्रयास किया है। समस्याओं में भी हमने नये अवसर तलाशने का कार्य किया है। मैं
इस धन्यवाद प्रस्ताव का पूरजोर एवं प्रबल समर्थन करता
हूॅ।
नेता विरोधी दल अहमद हसन ने राज्यपाल के अभिषाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी चर्चा में भाग लेते हुये कहा कि मैं इसका विरोध करता हूॅ। भाजपा सरकार में किसान बरबाद हो गया है। इस सरकार में मंहगाई बढ़ती जा रही है। यह सरकार किसानों के लिये बहुत दुखदाई साबित हुई है। जनता के दुख-दर्द दूर करने में यह सरकार असफल है। बेसिक शिक्षा में कोई सूधार नहीं है। शिक्षा-मित्रों का हाल बुरा है। बेरोजगार युवकों को रोजगर प्राप्त नहीं हो रहा है। यह सरकार
किसान विरोधी, महिला विरोधी, नौजवान विरोधी है। मैं इस का घोर विरोध करता हूॅ।
कांग्रेस के नेता दीपक सिंह ने अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रही।
इसके बाद अधिष्ठाता सुरेश कुमार त्रिपाठी ने सदन की कार्यवाही कल 23 फरवरी 11ः00 बजे तक के लिये स्थगित कर दी।
त्यागी
वार्ता
विद्यालयों में वर्ष 2000 के बाद नियुक्त शिक्षकों का विनियमितीकरण कराये जाने के संबंध कार्यस्थगन की सूचना दी। इसी विषय से संबन्धित निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चन्देल की नियम-105 की सूचना को उक्त सूचना के साथ सम्बद्ध किया गया। सूचना की ग्राहय्ता पर शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, निर्दलीय समूह के डा0 आकाश अग्रवाल एवं राजबहादुर सिंह चन्देल ने अपने विचार व्यक्त किये।
नेता सदन श्री शर्मा ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सभापति श्री सिंह ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए संदर्भित किये जाने के निर्देष दिये।
सपा के नरेश उत्तम, राम सुन्दर दास ’निषाद’, राजेश यादव ’राजू’, आनन्द भदौरिया एवं अन्य सदस्यों ने
प्रदेष में अनुसूचित जाति/जनजाति तथा पिछड़े वर्ग को संविधान में दी गयी शासन /प्रशासन में भागीदारी (सरकारी नौकरियों में आरक्षण) की व्यवस्था को समाप्त करने पर आमादा होने के संबंध में सूचना दी। सूचना की ग्राहय्ता पर सपा
के सर्वश्री बासुदेव यादव, डा0 राजपाल कश्यप, संतोष यादव ’सनी’ एवं राम सुन्दर दास ’निषाद’ ने विचार व्यक्त किये।
संबन्धित मंत्री ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सरकार के उत्तर से संतुष्ट न होने के कारण सपा के सभी सदस्यों ने सदन का त्याग किया। सभापति श्री सिंह ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर उसे सरकार को आवश्यक
कार्यवाही के लिए संदर्भित किये जाने के निर्देश दिये।
शून्य प्रहर के बाद कार्यसूची की मदों को निपटाया गया। याचिकाओं को याचिका समिति को संदर्भित किया
गया। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सदस्य विधान परिषद ने राज्यपाल महोदया के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी चर्चा में भाग लेते हुये कहा कि ’यह अभिभाषण हमारी सरकार की उपलब्धियों का जीता-जागता उदाहरण है। कोविड-19 के इस बुरे दोर से गुजरते हुये इस पर हमने जल्दी काबू पा लिया और दो स्वदेशी वैक्सीन भी बना ली है। हमने कठिन से कठिन दौर पर जल्दी काबू पा लिया। हमारी सरकार ने इस कठिन दौर में भी अनेक उपलब्धियों
को प्राप्त किया है। मैं इसका पुरजोर समर्थन करता हूॅ।
जय पाल सिंह ’व्यस्त’ ने धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में कहा कि जब विश्व की अनेक महा शक्तियां काविड के समक्ष अपने आप को असाहय महसूस कर रही थी। इससे लड़ने में अपने आप को अक्षम महसूस कर रही थी तब हमने इससे शीघ्र ही इससे उभरने का अच्छा प्रयास किया है। समस्याओं में भी हमने नये अवसर तलाशने का कार्य किया है। मैं
इस धन्यवाद प्रस्ताव का पूरजोर एवं प्रबल समर्थन करता
हूॅ।
नेता विरोधी दल अहमद हसन ने राज्यपाल के अभिषाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी चर्चा में भाग लेते हुये कहा कि मैं इसका विरोध करता हूॅ। भाजपा सरकार में किसान बरबाद हो गया है। इस सरकार में मंहगाई बढ़ती जा रही है। यह सरकार किसानों के लिये बहुत दुखदाई साबित हुई है। जनता के दुख-दर्द दूर करने में यह सरकार असफल है। बेसिक शिक्षा में कोई सूधार नहीं है। शिक्षा-मित्रों का हाल बुरा है। बेरोजगार युवकों को रोजगर प्राप्त नहीं हो रहा है। यह सरकार
किसान विरोधी, महिला विरोधी, नौजवान विरोधी है। मैं इस का घोर विरोध करता हूॅ।
कांग्रेस के नेता दीपक सिंह ने अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रही।
इसके बाद अधिष्ठाता सुरेश कुमार त्रिपाठी ने सदन की कार्यवाही कल 23 फरवरी 11ः00 बजे तक के लिये स्थगित कर दी।
त्यागी
वार्ता
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