देव भाषा को नया आयाम देगा संस्कृत निदेशालय : वाचस्‍पति

 लखनऊ 22 फरवरी (वार्ता) उत्‍तर प्रदेश संस्‍कृत संस्‍थान के अध्‍यक्ष आचार्य डॉ वाचस्‍पति मिश्र ने कहा कि योगी सरकार संस्‍कृत के उत्‍थान के लिए लगातार काम कर रही है और संस्‍कृ‍त निदेशालय का गठन प्रदेश एवं देश में संस्‍कृत भाषा को एक नया आयाम देगा।

डा वाचस्पति ने मंगलवार को कहा कि निदेशालय के गठन से संस्‍कृत भाषा की प्रगति के लिए बेहतर कार्य किए जा सकेंगे। संस्‍कृत भाषा के उत्‍थान के लिए उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से संस्‍कृत भाषा में विज्ञप्ति भी जारी कर रही है जो कि एक सराहनीय कदम है। संस्‍कृत विद्यालयों को तकनीक से जोड़ने के बाद वहां कोरोना संक्रमण के दौरान सभी ऑनलाइन पढ़ाई संभव हो सकी।
उन्होने कहा कि योगी सरकार ने बजट में गुरुकुल पद्धति के तहत संस्‍कृत विद्यालयों में पढ़ने वाले निर्धन छात्रों को नि:शुल्‍क छात्रावास व भोजन की व्‍यवस्‍था कराए जाने का प्राविधान किया है। इससे स्‍कूल प्रशासन को बच्‍चों के भोजन आदि के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा संस्‍कृत स्‍कूलों को टेक्‍नोलॉजी से जोड़ कर उन्‍हें आधुनिक बनाने का काम भी योगी सरकार कर रही है।
योगी सरकार संस्‍कृत भाषा को बढ़ाने के लिए तेजी से अग्रसर है। संस्‍कृत विद्यालयों के बच्‍चों को बेहतर शिक्षा उपलब्‍ध कराने और सभी सहूलियतें देने के लिए सरकार के प्रयास रंग लाने लगे हैं। प्रदेश सरकार ने आम बजट के दौरान प्रदेश के 200 से अधिक गुरुकुल पद्धति के संस्‍कृत विद्यालयों के चार हजार से अधिक छात्रों को नि:शुल्‍क भोजन व छात्रावास की सुविधा दिए जाने का प्रावि‍धान किया गया है। इससे गुरुकुल पद्धति के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के भोजन की व्‍यवस्‍था स्‍थानीय नागरिक व स्‍कूल प्रशासन की ओर से की जाती थी। सरकार के इस प्रयास से छात्रों के रोजाना के भोजन को लेकर आने वाली सभी दिक्‍कतें दूर हो जाएंगी।
संस्थान के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के संस्‍कृत विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र संस्‍कृत के साथ कम्‍प्‍यूटर शिक्षा का ज्ञान हासिल करें, इसके लिए प्रदेश के सभी संस्‍कृत विद्यालयों में कम्‍प्‍यूटर लगाए जा रहे हैं। पिछले साल 72 जिलों के संस्‍कृत विद्यालयों में कम्‍प्‍यूटर स्‍थापित किए गए थे। वहीं, इस साल भी उत्‍तर प्रदेश संस्‍कृत संस्‍थान की ओर से प्रदेश के शेष विद्यालयों को कम्‍प्‍यूटर सुविधा उपलब्‍ध करा दी गई है। इसके पीछे सरकार का मकसद है कि संस्‍कृत विद्यालयों के छात्र संस्‍कृत भाषा का ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ वर्तमान दौर की कम्‍प्‍यूटर शिक्षा से वंचित न हो पाएं। इसलिए संस्‍थान की ओर से कम्‍प्‍यूटर के साथ पुस्‍तकें, अलमारी और टेबल आदि भी संस्‍कृत विद्यालयों को दी गई हैं।
प्रदीप
वार्ता

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