चिकित्सा क्षेत्र की मजबूती के लिये बजट में भरपूर इंतजाम
लखनऊ 22 फरवरी (वार्ता) वैश्विक महामारी कोविड-19 से सबक लेते हुये उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र की मजबूती के लिये 2021-22 के बजट में पर्याप्त इंतजाम किये है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सरकार ने सोमवार को विधानसभा में पेश किये गये बजट में कोविड टीकाकरण योजना के लिये 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा की मजबूती की कवायद में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिये 5395 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के लिये बजट में 1300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।इसके अलावा आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिये 142 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिये 320 करोड़ रुपये रखे गये हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य परिचर्या सुविधाओं के लिये डायग्नाॅस्टिक बुनियादी ढाँचा सृजित किये जाने के लिये 1073 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
बजट में शहरी स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों के लिये 425 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। राज्य औषधि नियंत्रण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिये 54 करोड़ रुपये तथा प्रदेश के 12 मण्डलों में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं एवं मण्डलीय कार्यालयों के निर्माण के लिये 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। ब्लाॅक स्तर पर लोक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना के लिये 77 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।
प्रदेश के 13 जिलों बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोण्डा , ललितपुर, लखीमपुर-खीरी, चन्दौली, बुलन्दशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात तथा कौशाम्बी में निर्माणाधीन नये मेडिकल काॅलेजों के लिये 1950 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है जबकि प्रदेश के 16 असेवित जिलों में पीपीपी मोड में मेडिकल काॅलेज संचालित कराये जाने के लिये 48 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिये 23 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है वहीं एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर एवं मीरजापुर में निर्माणाधीन मेडिकल काॅलेजों में जुलाई, 2021 से शिक्षण सत्र प्रारम्भ किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसके लिये 960 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।
अमेठी एवं बलरामपुर में नये मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिये 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है वहीं अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना के लिये 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
असाध्य रोगों की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने के लिये 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गयी है। पुणे की तर्ज पर लखनऊ में इंस्टीटयूट आफ वायरोलाॅजी एण्ड इन्फेक्शस डिजीजेज के अन्तर्गत बायो सेफ्टी लेवल-4 लैब की स्थापना का लक्ष्य है। एसजीपीजीआई लखनऊ में उन्नत मधुमेह केन्द्र की स्थापना कराये जाने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में प्रमाणित एवं गुणकारी औषधियों की आपूर्ति की व्यवस्था के लिये प्रदेश में दो राजकीय औषधि निर्माणशालाएं लखनऊ एवं पीलीभीत को सुदृृढ़ करने एवं उत्पादन क्षमता में वृृद्धि किये जाने का लक्ष्य है।
प्रदीप
वार्ता
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