महिलाओं ने चावल मिल खरीदी, मुनाफे में चलाया

 नयी दिल्ली 31 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के कामकाज और व्यवसााय में उनके धैर्य से प्रेरणा लेने पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि कोरोना काल के दौरान आदिवासी महिलाओं ने न केवल एक चावल मिल को खरीद लिया बल्कि उसे लाभ में चला कर एक नयी मिसाल कायम की है ।

श्री मोदी ने आकाशवाणी पर इस साल के पहले ‘मन की बात ’ कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश के जबलपुर के चिचगांव में कुछ आदिवासी महिलाएं एक चावल मिल में दिहाड़ी पर काम करती थीं। कोरोना वैश्विक महामारी ने जिस तरह दुनिया के हर व्यक्ति को प्रभावित किया, उसी तरह ये महिलाएं भी प्रभावित हुईं। उनका चावल मिल में काम रुक गया। स्वाभाविक है कि इससे आमदनी की भी दिक्कत आने लगी, लेकिन वे निराश नहीं हुईं , उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने तय किया कि वे साथ मिलकर अपनी खुद की चावल मिल शुरू करेंगी। जिस मिल में ये काम करती थीं, वो अपनी मशीन भी बेचना चाहती थी। इनमें से मीना राहंगडाले जी ने सब महिलाओं को जोड़कर ‘स्वयं सहायता समूह’ बनाया, और सबने अपनी बचाई हुई पूंजी से पैसा जुटाया,। जो पैसा कम पड़ा, उसके लिए ‘आजीविका मिशन’ के तहत बैंक से कर्ज ले लिया, और चावल मिल खरीद ली।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वो अपनी खुद की चावल मिल चला रही हैं। इतने ही दिनों में करीब तीन लाख रूपये का मुनाफ़ा भी कमा लिया है। इस मुनाफे से मीना जी और उनकी साथी सबसे पहले बैंक का लोन चुकाने और फिर अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए तैयारी कर रही हैं। कोरोना ने जो परिस्थितियां बनाईं उससे मुकाबले के लिए देश के कोने-कोने में ऐसे अद्भुत काम हुए हैं।

अरुण सत्या

वार्ता

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