लोक लुभावने चुनावी वायदो के पूरा न करने पर हो दंड की व्यवस्था

प्रयागराज , 27 अक्टूबर (वार्ता) कांस्टीट्यूशनल एण्ड सोसल रिफार्म के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ए एन त्रिपाठी ने कहा है कि राजनीतिक दलों एवं नेताओं को चुनाव के दौरान अव्यावहारिक लोक लुभावने वायदे करने को भ्रष्ट आचरण माना जाय।
उच्चतम न्यायालय इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर सत्ता पाने पर वायदे पूरा न करने वाली पार्टी या नेता को अगला एक चुनाव लड़ने से रोकने की व्यवस्था करे।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि नेता चुनावों में ऐसे वायदे यह जानते हुए करते हैं कि उसका पूरा होना संभव नही है। गरीब भोलीभाली जनता को इनके बहकावे में आकर सत्ता सौप पछताना पडता है।
गाइडलाइन में वायदे पूरे करने की योजना का खुलासा चुनाव के दौरान ही किया जाय। उन्होंने ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून में वायदा पूरा न करने पर कोई दंड का उपबंध नही है। ऐसे में उच्चतम न्यायालय को संविधान की मंसा के अनुरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था में देशभक्तए ईमानदार लोगो को राजनीति मे आने का मार्ग दिखाना चाहिए अन्यथा प्रजातंत्र बेमानी हो जायेगा।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जिस तरह से लोक लुभावने वायदे कर गरीब जनता को भ्रमित कर वोट लेने की कोशिश की जा रही है। यह लोकतंत्र के लिए घातक है। नौकरी देने, कर्ज माफी का वायदा करना, जनता के टैक्स का दुरूपयोग है। इसलिए उच्च्तम न्यायालय हस्तक्षेप कर गाइडलाइन जारी कर पालन अनिवार्य करे। नही तो नेता और राजनीतिक दल गलत तरीके से सत्ता पर कब्जा कर लोकतंत्र के लिए खतरा बन जायेगे।
सं दिनेश भंडारी
वार्ता


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