देश के प्रमुख आर्थिक केन्द्र के तौर पर उभरा यूपी
लखनऊ 30 अक्टूबर (वार्ता) कोविड-19 के बाद उत्तर प्रदेश तेजी से भारत के प्रमुख आर्थिक केन्द्र के रूप में उभर रहा है।
आधिकारिक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिये राज्य सरकार ने 52 प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं का सरलीकरण किया जबकि कोविड-19 कालखण्ड के बाद के परिदृश्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकार ने अनेक निवेशोन्मुख नीतियाें की घोषणा की हैं। सरकार द्वारा किए गए नीतिगत् सुधारों के सकारात्मक परिणाम मिलने प्रारम्भ हो गए हैं। भूमि आवंटन से सम्बंधित महत्वपूर्ण सुधारों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश में बड़ी निवेश परियोजनाओं हेतु द्वार खुल गए हैं।
उन्होने बताया कि पिछले छह महीने में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा 6,700 करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं के लिए 326 भूखंडों का आवंटन किया गया। मेक-इन-यूपी को प्रोत्साहित करने के लिए एक्सप्रेसवेज़ के किनारे कई औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना है। कोविड-19 के बाद 14,900 करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश सरकार अब तक 43 प्रतिशत हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का कार्यान्वयन करवाने में सफल हुई है।प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना काल के बाद बदलते हुए बाजार परिदृश्य में राज्य सरकार ने नई परिस्थितियों के अनुरूप कदम उठाए हैं, अब नए सेक्टरों पर फोकस किया जा रहा है। विभिन्न संस्थागत सुधारों से उत्तर प्रदेश में निवेश प्रक्रिया सरल व सुगम हुई है। अनेक राष्ट्रीय एवं विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।उन्होने बताया कि सरकार नए रोजगार के अवसरों के सृजन एवं राज्य के निवासियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए राज्य में औद्योगीकरण-जनित विकास के लिये महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाये हैं।
प्रदीप
जारी वार्ता
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