आगरा के अधिवक्ता की हत्या कर शव को इटावा में नहर में फेंका गया…
लखनऊ/आगरा।
आगरा से अपहृत अधिवक्ता कपिल पंवार उर्फ यश (45 वर्ष) की इटावा जिले के भरथना में हत्या कर दी गई, उनका शव नहर में 27 अक्तूबर को मिला था। गुरुवार शाम को शिनाख्त होने पर पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि उनका ससुरालीजनों से संपत्ति का विवाद चल रहा था। वह पुलिस इंस्पेक्टर रहीं दिवंगत पत्नी ममता पंवार के नाम दर्ज संपत्ति को अपने नाम करा रहे थे। ससुरालीजन इसका विरोध कर रहे थे। पुलिस को शक है कि उन्होने ही सुपारी किलर से हत्या कराई है। पुलिस ने सास को हिरासत में ले लिया है, कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
जीवनी मंडी-जाटनी का बाग निवासी वकील केपी पंवार 26 अक्तूबर को आस्था सिटी कंपाउंड स्थित अपने प्लाट पर गए थे, इसके बाद वे लापता हो गए। उनकी कार भी नहीं मिल रही थी। 72 घंटे में सुराग नहीं मिलने पर गुरुवार को गुमशुदगी को अपहरण की धारा में बदल दिया गया। एसएसपी बबलू कुमार के अनुसार उनके फोटो आसपास के जिलों में भेजे गए थे। इटावा पुलिस से जानकारी मिली कि एक शव नहर में मिला था। उसका फोटो व्हाट्सएप पर मंगाकर मिलान किया गया तो शव अधिवक्ता केपी पंवार का ही निकला। पुष्टि के लिए उनके परिजनों को लेकर पुलिस टीम इटावा गई है।
पुलिस के अनुसार ममता पंवार की मौत के बाद से सास केपी सिंह के साथ ही रहती थीं। कुछ दिन पहले ही केपी सिंह ने पत्नी के नाम दर्ज संपत्ति को अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। ससुरालीजन इसका विरोध कर रहे थे, उनका कहना था कि संपत्ति उनकी बेटी की कमाई की है। इस पर उनका हक है। पुलिस टीम अधिवक्ता के स्वजन को लेकर गुरुवार की आधी रात को भरथना पहुंच गयी। पुलिस की टीमें हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में रात भर ताबड़तोड़ दबिश देती रहीं। शव बरामद होने के बाद पुलिस टीमें अधिवक्ता की कार खोजने में जुटी हैं। अधिवक्ता की कार के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं, कार को लेकर गायब आरोपित के बारे में सुराग मिल चुका है। हत्यारों ने अधिवक्ता की पहचान छिपाने के लिए उनकी जेब में रखा पर्स और पहचान पत्र निकाल लिया था। आगरा पुलिस यदि तत्परता नहीं बरतती ताे शुक्रवार को भरथना में पोस्टमार्टम के बाद अधिवक्ता का लावारिस में अंतिम संस्कारकर दिया जाता।
अधिवक्ता की पत्नी ममता पवार इंस्पेक्टर थीं। वह आगरा में तैनात रही थीं, पिछले साल प्रयागराज स्थानांतरण हो गया था। पिछले वर्ष 24 सितंबर को पत्नी ममता पवार के दिमाग की नस फटने पर उन्हें पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया, वहां 27 सितंबर को उनकी मौत हो गयी थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया अधिवक्ता का अपनी ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। उनकी सास से पूछताछ की जा रही है, इसके अलावा अधिवक्ता की कार को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
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