सार्वजनिक उपक्रमों का उत्पादन 90 प्रतिशत पर पहुंचा

नयी दिल्ली 30 सितंबर (वार्ता) भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कोविड-19 महामारी के समय में सार्वजनिक उद्योमों के प्रदर्शन पर बुधवार को एक सार पुस्तिका लॉन्च की।

सार्वजनिक उपक्रमों को देश का गौरव बताते हुये श्री जावडेकर ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी इन कंपनियों ने बिजली, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल जैसे जरूरी उत्पादों की सतत आपूर्ति सुनिश्चित की। अनलॉक के साथ अब सार्वजनिक कंपनियों का उत्पादन सामान्य दिनों की तुलना में 90 प्रतिशत पर पहुँच चुका है।

भारी उद्योग राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ “स्वावलंबी, पुनरुत्थानशील, लचीले भारत का निर्माण - कोविड-19 महामारी के दौरान सार्वजनिक उद्यमों का योगदान” नामक यह सार पुस्तिका जारी करते हुये श्री जावडेकर ने कहा “सार्वजनिक उपक्रम देश का गौरव हैं। महामारी के दौरान उन्होंने प्रशंसनीय काम किया है। बिजली की आपूर्ति 99 प्रतिशत रही और कहीं कोई पावर फेल्योर नहीं हुआ। तेल विपणन कंपनियों ने 24 हजार रसोई गैस डिस्ट्रीब्यूटरों, 71 हजार पेट्रोल पंपों और 6,500 मिट्टी तेल डीलरों के जरिये लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करते रहे। कुल 71 करोड़ रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की गई जिसमें 21 करोड़ सिलिंडर उज्जवला योजना के लाभार्थियों को दी गई।”

उन्होंने बताया कि माल ढुलाई और परिवहन लगभग शत-प्रतिशत बना रहा। इस दौरान 3.3 करोड़ टन खाद्य पदार्थों की ढुलाई की गई। सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा प्रबंधित अस्पतालों में 11 हजार बिस्तर कोविड-19 के मरीजों के लिए उपलब्ध कराये गये।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की करीब 250 कंपनियों का टर्नओवर 25 लाख करोड़ रुपये का और मुनाफ 1.75 लाख करोड़ रुपये है। लाभांश, ब्याज, कर और जीएसटी के माध्यम से ये कंपनियां 3.62 हजार करोड़ रुपये सरकार को देती हैं और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 3,873 करोड़ रुपये सामाजिक कार्य पर खर्च करती हैं।

अजीत आशा

वार्ता


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