भाजपा शासन में बहिन बेटिया सुरक्षित नही: अखिलेश
लखनऊ, 29 सितम्बर(वार्ता) समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाथरस की गैंगरेप एवं दरिंदगी की शिकार एक बेबस दलित बेटी के दम तोड़ देने की घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि असंवेदशील भारतीय जनता पार्टी( भाजपा) शासन में बहिन बेटिया सुरक्षित नही है।
श्री यादव ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि आज की असंवेदनशील भाजपा शासन से अब कोई उम्मीद नहीं बची है। बहिन-बेटियों के परिवारों के लिए भाजपा का यह दुर्भाग्यपूर्ण शासनकाल है।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने यहां कहा कि हाथरस की दर्दनाक घटना का संज्ञान लेते हुए पूर्व केन्द्रीयमंत्री मजीलाल सुमन जब पीड़ित परिवार से मिलने और उनको सांत्वना देने ग्राम बूलगड़ी जा रहे थे पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जाने नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि श्री सुमन के साथ पूर्व विधायक देवेन्द्र अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजूद्दीन, जिला महासचिव जैनुद्दीन चौधरी, बबलू यादव, श्याम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, मुश्ताक खान, नसरूद्दीन, अशोक अग्रवाल, बंटी खान, मुन्ना लाल, शंकर पाल, मंसूर अहमद, हाफिज शफीक आदि सैकड़ों साथी थे।
श्री चौधरी ने बताया कि सपा अध्यक्ष के निर्देश पर आज प्रदेश के सभी जिलों में हाथरस की दलित बेटी की दर्दनाक और दिल दहलाने वाली मौत के विरोध में महिलाओं ने कैण्डल मार्च निकाला। महिलाओं के मार्च को कई जगह पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की। पुलिस का यह रवैया निंदनीय था।
उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी की जिला एवं महानगर महिला सभा की ओर से हाथरस काण्ड और सरकार की दलित विरोधी नीति के खिलाफ कैण्डल मार्च निकाला गया। पार्टी के लखनऊ जिला कार्यालय, कैसरबाग से महिलाओं का बड़ा जुलूस महिला सभा की जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता यादव तथा महानगर अध्यक्ष श्रीमती किरन पाण्डेय के नेतृत्व में शुरू हुआ और पुलिस ने कार्यालय के गेट पर ही घेराबंदी शुरू कर दी।सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा के बेटी बचाओं, महिला सम्मान के नारे दिखावटी और जनता को बहकाने वाले हैं। पीड़िता युवती के साथ 14 सितम्बर को दबंगों ने गैंगरेप किया जिसकी रिपोर्ट लिखने में पुलिस को आठ दिन लग गए। पुलिस ने छेड़खानी में केस दर्ज किया। मुख्यमंत्री दलित-पिछड़ों की बहन-बेटी की अस्मिता की कीमत रूपयों में तौलकर दरिंदगी का बचाव करने की भूल न करे। जनता इसके विरोध में सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी और उपचुनावों में भाजपा को जनता जवाब देगी।
भंडारी
वार्ता
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