बाबरी मामले में अदालत का फैसला सत्य और न्याय की जीत:विहिप

नयी दिल्ली, 30 सितंबर (वार्ता) विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से संबंधित आपराधिक मुकदमे का फैसला सत्य और न्याय की विजय है।

उन्होंने कहा कि अदालत को फैसला देने में 28 साल लग गए, इस दौरान राम भक्तों ने इन झूठे मुकदमों का 28 सालों तक धैर्य और साहस के साथ सामना किया।

श्री कुमार ने कहा कि वह उन 17 लोगों का पुण्य स्मरण करते हैं, जिनका इस मुकदमे के दौरान निधन हो गया। इनमें श्री अशोक सिंघल, महंत अवैद्यनाथ, परमहंस रामचन्द्र दास, राजमाता विजया राजे सिंधिया, आचार्य गिरिराज किशोर, श्री बाल ठाकरे, श्री विष्णुहरी डालमिया और श्री बैकुण्ठ लाल शर्मा जैसे नाम शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पूर्व के आदेश में यह कहा था कि अयोध्या की सम्बंधित भूमि श्री रामलला विराजमान की ही है। आज के निर्णय ने षड़यंत्र के आरोपों को ध्वस्त कर दिया है। अब समय आ गया है कि राजनीति से ऊपर उठकर और पीछे देखने की बजाय संगठित और प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ा जाए।

श्री कुमार ने कहा कि विहिप हमेशा से श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण, समरस समाज की स्थापना, अनुसूचित जाति-जनजाति और आर्थिक रूप से पिछड़े अन्य वर्गों की उन्नति के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि विहिप मंदिर और उनकी सम्पत्तियों की रक्षा के लिए भी अपना संघर्ष जारी रखेगी।

प्रणव.श्रवण

वार्ता


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