रेलवे के निजीकरण, निगमीकरण, पदों का सरेंडर, मंहगाई भत्ता के कटौती के खिलाफ किया गया विरोध
गोरखपुर, स्वतंत्र रेलवे बहुजन कर्मचारी यूनियन (SRBKU)पूर्वोत्तर रेलवे ने रेलवे के निजीकरण, निगमीकरण, पदों का सरेंडर, मंहगाई भत्ता के कटौती के विरोध में लगातार चौथे दिन अभियान जारी रखते हुए न्यू कोचिंग कांप्लेक्स गोरखपुर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पोस्टकार्ड के माध्यम से विरोध दर्ज कराया।
निजीकरण ही भ्रष्टाचार और भुखमरी की जड़ है
राष्ट्र के विकास में राष्ट्रीयकरण ही एकमात्र उपाय है
SRBKU के जोनल अध्यक्ष अमरजीत प्रसाद ने कहा कि भारत जैसे-जैसे राष्ट्रीयकरण की ओर कदम बढ़ा रहा था। खुशहाली बढ़ रही थी परंतु जब से भारत को निजीकरण के भ्रष्ट पंजे ने जकड़ना शुरू किया है भ्रष्टाचार, भुखमरी और बेरोजगारी, अशिक्षा प्रति व्यक्ति के आय में कमी बढ़ती ही जा रही है।
यदि लोकसभा और विधानसभा के पदों का मात्र 50% भी निजीकरण कर दिया जाए तो वहीं आधे एमपी और एमएलए के पद भी संविदा भर्ती से भर दिए जाएं तो सरकार और निजीकरण का समर्थन करने वाले जनसामान्य को यह बात आसानी से समझ में आ जाएगी कि निजीकरण कितना लाभदायक है या कितना घातक।
इस मौके पर का. मंडल मंत्री ई.आनंद कुमार, कैलाश विश्वकर्मा, विजय कुमार व्यास, मोहम्मद मेराज, दीपक यादव, दुर्गेश मद्देशिया, उमेश मौर्य, दिनेश यादव एवं साथी कर्मचारीगण।
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