गोरखपुर में भाजपा सांसद और विधायक आमने सामने
गोरखपुर,28 अगस्त(वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर्म क्षेत्र गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविकिशन और विधायक डा राधामोहन दास अग्रवाल के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है जिसके चलते पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आ रही है।
भाजपा के नगर विधायक डा. अग्रवाल ने कार्य में लापरवाही के लिए सहायक अभियंता केके सिंह की उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर शिकायत की थी जिसके बाद अभियंता को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। दूसरी ओर सांसद रवि किशन शुक्ला ने अभियंता को कर्मठ बताते हुए तबादले को रोकने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखा।
जनप्रतिनिधियों के बीच इस शीत युद्ध में सांसद के पक्ष में चार विधायक आ गये हैं जबकि बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान ने इस मामले में डा अग्रवाल के पक्ष को सही ठहराया है। सांसद कमलेश पासवान के बाद उनके छोटे भाई तथा बांसगांव से भाजपा विधायक डा.विमलेश पासवान ने डा अग्रवाल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुये सत्यमेव जयते का स्लोगन लिखकर विधायक को अपना वैचारिक समर्थन दिया है।
डा अग्रवाल की शिकायत के बाद इस मामले में सांसद रवि किशन शुक्ल ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सहायक अभियंता को ईमानदार, कर्मठ बताते हुए प्रॉजेक्ट पूरा होने तक उन्हें न हटाने की मांग की। सांसद रवि किशन के बाद गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह, पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, कैम्पियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह व सहजनवा विधायक शीतल पांडेय ने भी सहायक अभियंता केके सिंह के पक्ष में उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोई कार्रवाई नहीं करने की मांग की।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि अकेले पड़ते नजर आ रहे नगर विधायक डा अग्रवाल के समर्थन में बांसगांव सांसद कमलेश पासवान और विधायक विमलेश पासवान के सामने आने के बाद गोरखपुर में भाजपा दो खेमें नजर आ रही है।अब दोनों खेमे एक दूसरे पर ताल ठोकते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि डा अग्रवाल को अनुशासनहीनता के आरोप में गुरूवार को भाजपा आलाकमान ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है।
सं प्रदीप
वार्ता
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें