कोरोना से जंग: आठ हफ्ते और बाहर रहेंगे पेरोल पर छूटे 27 बंदी, अंतरिम जमानत वालों को मिलेगा सशर्त लाभ
कोविड -19 वायरस के संक्रमण को देखते हुए मार्च महीने में छोड़े गए सजायाफ्ता बंदियों के पेरोल की अवधि आठ हफ्ते के लिए शासन ने फिर बढ़ा दी है। अब ये बंदी 24 सितंबर तक जेल से बाहर रह सकेंगे। इसका लाभ उन बंदियों को भी मिल सकेगा जो कोविड 19 के चलते अंतरिम जमानत पर बाहर थे। बशर्ते उन्हें स्थानीय कोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
मार्च महीने में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने बीते 24 मई को प्रदेश की जेलों में सात साल या उससे कम के अपराधों में सजा काट रहे सजायाफ्ता बंदियों को आठ हफ्तें के लिए पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था। जिस क्रम में गोरखपुर मंडलीय कारागार से बिहार, दिल्ली समेत कई प्रदेशों व जिलों के रहने वाले कुल 27 सजायाफ्ता बंदियों को अलग अलग तिथियों में रिहा किया गया था। जिसमें तीन अप्रैल को अकेले 25 सजायाफ्ता बंदी रिहा हुए थे।
बीते 24 मई को उनके पेरोल की अवधि आठ हफ्ते के लिए बढ़ाई गई थी। अब फिर शासन ने कोर्ट के निर्देश पर अवधि आठ हफ्ते के लिए गुरुवार को बढ़ा दी। इन बंदियों की पेरोल अवधि उस समय से मानी जाएगी जिस दिन से ये जेल से रिहा हुए हैं। वहीं इसका लाभ वे बंदी भी उठा सकते हैं जो सात साल या उससे कम की सजा के अपराध के आरोप में विचाराधीन है और जेल में बंद है और जिन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है। बशर्ते उन्हें कोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
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