पदोन्नति के बाद तैनाती में हुआ है बड़ा खेल, मनमाने तरीके से दे दी गयी तैनाती
कुशीनगर में बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ विगत कुछ माह पहले दिया गया था। पदोन्नति में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कई शिकायतें आला अधिकारियों सहित शासन स्तर पर हुई है, लेकिन जिम्मेदार चुप हैं। आरोप हैं कि बिगत दिनों हुए पदोन्नति के बाद शिक्षकों को मनमाने ढंग से तैनाती दे दी गयी हैं, जिसमे रोस्टर का प्रयोग ही नही किया गया हैं और शिक्षकों ने मनमाफिक तैनाती करा ली हैं, जिससे कुछ शिक्षकों में असंतोष हैं।
प्राथमिक व पूर्व मा. विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों की पदोन्नति हुई हैं। सूत्रों की माने तो पदोन्नति में रोस्टर प्रणाली के तहत तैनाती देने की व्यवस्था है। इसके तहत पुरुष अध्यापको को दूसरे ब्लाकों में तैनाती देने की व्यवस्था है लेकिन बिगत दिनों हुए पदोन्नति के बाद हुए तबादलो में रोस्टर प्रणाली दूर दूर तक नजर नही आया है और शिक्षकों को मनचाहे जगह तैनाती दे दी गयी हैं। विभागीय जिम्मेदारो ने नियमों पर ताक पर रोस्टर को लागू करना भी मुनासिब नही समझा है, यहां तक कि शिक्षको का न ब्लाक ही बदला गया और न उनके न्यायपंचायत को ही बदला गया हैं। सूत्रों की माने तो कुशीनगर जिले में लगभग 90 से उपर शिक्षकों को पदोन्नति देकर उन्हें तैनाती दी गयी हैं और शिक्षको मनचाहे जगह तैनाती दे दी गयी हैं और रोस्टर को दरकिनार कर दिया गया हैं। जबकि पूर्व में हुए पदोन्नति के बाद हुए तबादलो में रोस्टर के तहत पुरुष अध्यापको के ब्लाक बदलकर तैनाती दी गयी थी, दोहरी व्यवस्था से शिक्षकों में असंतोष हैं। ऐसा नही है कि जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नही है लेकिन जानकारी के बाद भी चुप्पी समझ से परे हैं। अगर इसकी जांच हो जाय तो पर्दे के पीछे की सच्चाई सबके सामने आ जायेगी और कई जिम्मेदार बेनकाब होते हुए नजर आएंगे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें