राहगीरों के लिए तन मन धन से समर्पित सेंट एंड्रयूज कॉलेज गोरखपुर का शिक्षक
" अकेले यूं ही चले थे राह पर , मुड़ के देखा तो कारवां बन गया । "
आज यह शायरी जनपद गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज के एक प्रोफेसर डॉ सीपी गुप्ता पर एकदम सटीक बैठती है । कोरोना वायरस के चलते फैली महामारी के समय जब लॉक डाउन की स्थिति हुई और उस लॉक डाउन में भी जब विभिन्न प्रदेशों से काम करने वाले श्रमिक किसी न किसी साधन से अपने घर वापस आने लगे तो उस समय गोरखपुर सेंट एंड्रयूज कॉलेज के प्रोफेसर डॉ सीपी गुप्ता का मन उनकी हालत देखकर पिघल गया और उन्होंने इन लोगों के लिए कुछ करने का निर्णय लिया । शुरुआत में उन्होंने अपने पैसे से राशन सामग्री, खाना पानी, बिस्कुट आदि का वितरण किया मगर उनके इस जुनून को देखते हुए उनके सहयोगी लोग भी उनके साथ जुड़ गए और आज की स्थिति यह है कि हर दूसरे या तीसरे दिन डॉ सीपी गुप्ता और उनके सहयोगी डॉक्टर कृष्ण भान गुप्ता, डॉक्टर शमशाद अहमद खान, योगेंद्र यादव आदि इन लोगों की सेवा करते हुए दिखाई देते हैं । कभी यह पुलिस विभाग के लोगों में मास्क, सेनेटाइजर , हेंड गलब्स बांटते दिखते हैं , तो कभी पत्रकार लोगों की सुरक्षा की चिंता करते हुए , कभी यह बस चालकों की सेवा करते नजर आते हैं तो कभी राहगीरों को भोजन कराते ।
स्वयं डॉक्टर सी पी गुप्ता कहते हैं कि जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा धर्म है और मैंने और मेरी टीम ने इस धर्म का पालन किया । भविष्य में जब कभी भी भारत देश और देशवासियों कोई जरूरत पड़ेगी, मैं अपनी क्षमता अनुसार समर्पित रहूंगा ।
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