आज हम बात करेंगे थायराइड की - डॉक्टर शशिकांत
आज हर व्यक्ति थायराइड से परेशान है, यदि आपको थायराइड के प्रॉब्लम हो गया तो एलोपैथिक मेडिसिन थायराक्साईन या थायरॉक्स 25 ,50 ,75 ,100, 125 ,150 mg में खाली पेट हमेशा खाना पड़ता है। लेकिन थायराइड को जड़ से समाप्त करना है तो होम्योपैथिक दवा का सेवन करें हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। मेरे पास जितने भी थायराइड के मरीज आते हैं उन्हें मैं होम्योपैथ मेडिसिन ही देता हूं और वह पूरी तरह से ठिक हो जाते हैं तो मैं आशा करता हूं कि मेरे द्वारा बताया बताई गई जानकारी आपको अच्छी लगेगी और होम्योपैथिक दवा का सेवन करेंगे और अपने थायराइड को हमेशा के लिए समाप्त कर सकते हैं।
✍️ थायराइड क्या है
थायराइड ग्रंथि गर्दन में सांस नली के ऊपर स्वर यंत्र के नीचे तितली आकार होती है यह थायराइड ग्लैंड एंडोक्राइन ग्रंथि ग्रंथि है जो हारमोंस बनाती है T3 T4। थायराइड हार्मोन का असर हमारे शरीर के लगभग हर भाग पर पड़ता है यह ग्रंथि शरीर के तापमान का नियंत्रण भी करता है और शरीर के मेटाबॉलिज्म की एक प्रमुख नियंत्रक है थायराइड ग्रंथि की क्रिया पिट्यूटरी ग्रंथि नियंत्रित करती है पिट्यूटरी ग्रंथि से डीएससीएच हार्मोन तो बनता है जो थायराइड ग्रंथि से T3 और T4 हार्मोन बनाता है थायराइड ग्रंथि से किसी कारणवश हार्मोन के ज्यादा मात्रा में निर्माण होने लगे तो उस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं और हाइपोथायरायडिज्म पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है।
थायराइड दो प्रकार के होते हैं।
👉1) Hypothyroidism
👉 2) Hyperthyroidism
तो आज केवल हम हाइपो थायराइड के बारे में बात करेंगे कल हाइपरथायराइड के बारे में जानेंगे।
✍️ हाइपोथायराइड क्या है
जब थायराइड ग्लैंड की एक्टिविटी कम हो जाती है या लेवल कम हो जाता है तो TSH लेवल बढ़ जाता है और T3 और T4 का लेवल कम हो जाता है तो इस कंडीशन को हाइपोथाइरॉएडिज्म कहते हैं हमारे ब्रेन में पिट्यूटरी ग्लैंड होता है वह TSH को सिगरेट ( यानी स्त्राव )करता है ,यह हमारे थायराइड को इंस्ट्रूमेंट करता है थायराइड ग्लैंड T3 व T4 करता है जब थायराइड ग्लैंड अपने-अपने एक्टिविटी को कम कर देता है यार फिर ग्लैंड को बार-बार मैसेज भेजेगा कि अपने एक्टिविटी को बढ़ाएं तो TSH पिट्यूटरी ग्लैंड बढ़ा देता है और T3 और T4का लेबर घट जाता है और TSH का लेवल बढ़ जाता है यह किसी भी उमर में हो सकता है यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में होता है लेकिन यह बीमारी ज्यादा फीमेल में देखने को मिलता है l
आ लगभग तीन दशक पहले देश में आयोडीन की कमी से हुआ हाइपोथायराइडीज्म अत्यंत गंभीर गंभीर स्वास्थ्य समस्या थी सौभाग्यवश आयोडीन युक्त नमक के प्रचलन के बाद इस समस्या का लगभग निवारण हो गया इसी के कारण घेघा रोग भी होता था ।
✍️ थायराइड के लक्षण
👉स्क्रीन सूखा रहना
👉बाल झड़ना
👉आवाज में परिवर्तन होना
👉आवाज में भारीपन होना
👉यदि महिला है तो उसका
👉पीरियड समय से न आना या 👉पीरियड ज्यादा आना
👉शरीर का वजन बढ़ना
👉गर्भधारण करने में दिक्कत
👉कब्जियत
👉जगह-जगह सूजन आना
👉जॉइंट में अकड़न दर्द हो भी सकता है
👉चलते समय सांस फूलना
👉थकावट हो सकती है
👉सुनने व सूंघने में कमी
👉नाखून पर क्रेक क्रेक आना
👉कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाना
यदि ज्यादा समय से है तो कार्डियक प्रॉब्लम भी हो सकता है
यह सब थायराइड के लक्षण है।
✍️ खानपान पर भी रखें ध्यान
लोगों में यह गलत धारणा बन गई है कि हमारे खान-पान का प्रभाव थायराइड ग्रंथ पर नहीं पड़ता है पर ऐसा नहीं है थायराइड से ग्रसित व्यक्ति को पत्ता गोभी ब्रोकली गोभी नहीं खाना चाहिए अध्ययनों से साबित हुआ है कि थायराइड के विकार से ग्रस्त लोग का अगर आयोडीन युक्त नमक का सेवन करे । इस संदर्भ में एक अपवाद सोयाबीन भी है जिसका थायराइड से ग्रस्त व्यक्ति अगर अधिक मात्रा में सेवन करें तो थायराइड के इलाज में बाधा डाल सकती है जिसे अच्छे स्वास्थ्य चाहिए वह अपने खान-पान पर भी नियंत्रण रखें इसके साथ साथ मैदा वाला सामान ,रिफाइन सोयाबीन तेल , सोयाबीन ,ज्यादा प्रोटीन वाला या हाय डाइट मीट, मांस, मछली ,अंडा ,इन सबों का परहेज करें सुबह कभी भी खाली पेट चाय न पिये
✍️ टेस्ट या जांच
T3,T4 and TSH
लक्षण के आधार पर दवाइयों का चुनाव करें और दवा के सेवन से पहले आप अपने नजदीकी डॉक्टर से अवश्य सलाह लें ।
👉थायराइड के लिए इफेक्टिव मेडिसिन हाइपोथायराइडरिज्म
Thyridinum3x
👉और भी अन्य मेडिसिन
👉Cal. Carb
👉Iodium 30
👉Thyridinum 30
.............etc
हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा बनाई गई जानकारी आप अवश्य पढ़ते होंगे और आपको अच्छी लगती होगी
डॉ शशिकांत
मो.नं.9140957099
किसी भी दवा को खुद पर प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें- संपादक
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