पत्रकारिता के मूल आधार के साथ समझौता नहीं : कश्मीरी पत्रकार
श्रीनगर, 23 अप्रैल (वार्ता)कश्मीर के एक वरिष्ठ पत्रकार पीरजादा आशिक ने घाटी में एक मुठभेड़ और उसके बाद के घटनाक्रम के बारे में कथित रूप से फर्जी खबर प्रकाशित करने के मामले में अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के दो दिन बाद गुरुवार को कहा कि वह सच बोलने और तथ्यों पर अडिग रहने के पत्रकारिता के मूल आधार के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे ।
समाचारपत्र ''द हिंदू ’के पत्रकार श्री आशिक ने कहा कि कश्मीर की जमीनी हकीकत को प्रतिबिंबित करने के लिए आइने की जरुरत अब पहले से कहीं अधिक है।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा , “ समर्थन के लिए धन्यवाद। मैं एक जिम्मेदार पत्रकार हूं। सच बोलने और तथ्य पर टिके रहने के पत्रकारिता के मूल आधार के साथ समझौता नहीं करूंगा। कश्मीर की जमीनी हकीकत को प्रतिबिंबित करने की आइना दिखाने की जरुरत अब पहले से कहीं अधिक है।”
दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में एक मुठभेड़ और उसके बाद के घटनाक्रमों को लेकर के बारे में कथित तौर पर ’फर्जी समाचार’ प्रकाशित करने के मामले में सोमवार को श्री आशिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।इससे एक दिन पहले रविवार को, उन्हें कश्मीर के दो अलग-अलग जिलों में मामले पर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया था। पिछले दो दिनों के दौरान पुलिस ने एक महिला फोटो-पत्रकार सहित दो अन्य मीडियाकर्मियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में समाज के विभिन्न वर्गों ने तीखी प्रतिक्रया व्यक्त की है, जिसमें राजनेता, मीडिया बिरादरी और आम लोग शामिल हैं।
इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस , पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी , जेकेएपी और पीसी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने चिंता जताते हुए पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। कश्मीर प्रेस क्लब ने भी इन मामलों को वापस लेने और घाटी में मीडिया बिरादरी के उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों से आग्रह किया है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें