अधिकतम 48 घंटे में देंगे रिपोर्ट

गोरखपुर, महानगर में कोरोना की जांच प्राइवेट पैथोलॉजी में हो सकेगी। इसके लिए दो प्राइवेट पैथोलॉजी को मंजूरी मिल गई है। इन पैथोलॉजी में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ही मरीजों के सैम्पल भेजेंगे। इसकी जांच के लिए लैब संचालक 4500 रुपए वसूलेंगे।


सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि महानगर में अब तक सिर्फ बीआरडी मेडिकल कालेज और आरएमआरसी द्वारा संयुक्त रूप से संचालित लैब में ही कोरोना के जांच की सुविधा है। इस लैब की क्षमता करीब 220 सैम्पल रोजाना जांच करने की है। यहां सात जिलों से संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में लैब की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया गया है। इसके लिए दो पैथोलॉजी को अधिकृत किया गया है। विभाग ने सिविल लाइंस स्थित डॉ. लाल पैथ लैब और बेतियाहाता स्थित पैथकाइंड को जांच की मंजूरी दी है। दोनों पैथोलॉजी की टीम ही मरीजों से सैम्पल कलेक्शन करेगी। सैम्पल लेने के अधिकतम 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट भी देगी। हर रिपोर्ट की सूचना व स्वास्थ्य विभाग को देंगे।


प्राइवेट अस्पतालों से ही भेजे जाएगी रिपोर्ट


सीएमओ ने बताया जिले में अब 60 प्राइवेट अस्पतालों को इमरजेंसी में मरीजों का इलाज करने की मंजूरी दी गई है। इन अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार है। सांस की तकलीफ और बुखार से पीड़ित मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने का निर्देश दिया गया है। प्राइवेट अस्पताल से ही डॉक्टर मरीजों का कोरोना सैम्पल जांच प्राइवेट पैथोलॉजी से करा सकेंगे।


अधिकतम 48 घंटे में देंगे रिपोर्ट


पैथकाइंड के मैनेजर राजीव मित्तल ने बताया कि सैम्पल का कलेक्शन पैथोलॉजी की टीम करेगी। यहां से सैम्पल लेने के बाद उसे फौरन गुरुग्राम में मुख्य लैब में भेजा जाएगा। सैम्पल लेने के 48 घंटे के अंदर मरीज को रिपोर्ट मिल जाएगी।


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