यूनियन बैंक में कॉर्पोरेशन बैंक और आंध्रा बैंक के विलय से बनेगा पांचवां बड़ा बैंक
नयी दिल्ली 26 मार्च (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का एक अप्रैल से विलय हो रहा है जिससे यह देश का पांचवां बड़ा बैंक बन जायेगा।
विलय के बाद यह 75 हजार कर्मचारियों, 9600 से ज्यादा ब्रांच और 13,500 एटीएम के साथ देश का चौथा सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क होगा। 1919, 1923 और 1906 में क्रमश: स्थापित हुए यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक ने इतने वर्षों में ग्राहकों को अच्छी सुविधाएं दी हैं। इस विलय से बड़े नेटवर्क और विभिन्न उत्पाद और सेवा के माध्यम से एक बेहतर आर्थिक मापदंड स्थापित करने, अच्छी कैपिटल क्षमता और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर में मदद मिलेगी।
सरकार ने अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्राहकों को अच्छे उत्पाद एवं सेवा मुहैया कराने के उद्देश्य से तीनों बैंकों के विलय की योजना तैयार की है। कार्पोरेशन बैंक और आंध्रा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के तरह ही बैंकिंग सिस्टम उपयोग करते हैं, इसलिए आईटी इंटीग्रेशन के कठिन कार्य को भी पूरा कर लिया गया है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 52 फीसदी ब्रांच के साथ आंध्रा बैंक विलय के बाद बने बैंक की स्थिति को दक्षिण भारत में मजबूत करेगा। कर्नाटक में 30 फीसदी ब्रांच होने के साथ ही कॉर्पोरेशन बैंक दक्षिण में उपस्थिति को विस्तार देगा। वहीं दूसरी तरफ 33 फीसदी ब्रांच महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तर और पश्चिम भारत में मजबूत उपस्थिति के साथ यूनियन बैंक की इस विलय से पूरे भारत में मौजूदगी हो जायेगी।
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