लॉक डाउन में सुबह-सुबह गोरखपुर के बाजारों में उमड़ी भीड़, अब धारा 144 लागू
गोरखपुर: कोरोना से बचाव के लिए उत्तबर प्रदेश के 16 जिलों में किए गए लॉक डाउन के बीच गोरखपुर में सोमवार सुबह लोगों के बीच खरीदारी की होड़ दिखी। जिला प्रशासन ने सुबह 9:30 बजे के पहले ही लोगों से आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी कर लेने को कहा था। हालांकि सरकार और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को यह भरोसा दिलाया है कि किसी भी परिस्थिति में जरूरी सामानों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो आवश्यकता की इन चीजों की सप्लाई लोगों के घरों तक की जाएगी। लेकिन कुछ तो अपनी घबड़ाहट और कुछ प्रशासन द्वारा सुबह 9:30 बजे तक की मियाद तय किए जाने के चलते लोग सुबह-सबेरे बाजारों में उमड़ पड़े। इस बीच प्रशासन ने 25 मार्च तक के लिए जिले में धारा 144 लागू कर दी है जिसके मुताबिक एक जगह चार से अधिक लोग जमा नहीं हो सकते। शहर के कूड़ाघाट, मोहदद़ीपुर, आजाद चौक, खोराबार, रुस्ततमपुर, अलीनगर, दीवान बाजार, असुरन बाजार, राप्ती नगर, घासीकटरा, रेती चौक सहित तमाम इलाकों में इस समय दवा, किराना, सब्जी, दूध और घरेलू जरूरत के अन्य सामानों की दुकानों पर काफी भीड़ दिख रही है। पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ है। लोग अपनी गाडि़यों की टंकी फुल करा रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान जरूरी चीजों की किल्लत की आंशका में लोग इस बात को भी नज़रअंदाज करते नज़र आ रहे हैं कि कोरोना से जंग में सोशल डिस्टें सिंग का कितना बड़ा महत्वर है। बाजारों में सुबह साढ़े सात बजते-बजते भीड़भाड़ का ऐसा दृश्ये हो गया जैसे रोज 11-12 बजे के बाद होता था। वैसे लॉक डाउन के एलान के चलते लगभग सभी इलाकों में करीब 50 प्रतिशत दुकानें बंद हैं। सिर्फ आवश्यबक आवश्येकताओं की दुकानें ही खुली हैं। इस बीच पुलिस ने भी अपनी गश्तु बढ़ा दी है। लोगों को बताया जा रहा है कि उन्हें घबड़ाकर ज्यादा खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। सरकार आवश्यक चीजों की किल्ल्त कभी नहीं होने देगी। जरूरत पड़ेगी तो लोगों को उनके घरों तक इन सामानों की डिलेवरी की जाएगी, रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते बाहर से आए काफी लोग शहर में रुके हुए थे। उन्हेंग बिहार, नेपाल या आसपास के दूसरे जिलों में अपने गंतव्य स्थाोनों तक जाने का कोई साधन नहीं मिला। सोमवार सुबह भी बहुत कम बसें या गाडि़यां सड़कों पर हैं लेकिन जो भी हैं उनमें भीड़ बहुत अधिक है। लोग किसी भी तरह अपने घरों को पहुंचना चाहते हैं। कहीं-कहीं इसके लिए रिस्कह उठाते भी नज़र आ रहे हैं। कोरोना की सबसे ज्या दा मार गरीब,मजदूर तबके पर पड़ी है। कल जनता कर्फ्यू की वजह से उन्हें काम नहीं मिला था। आज भी लॉक डाउन के चलते उन्हें आजाद चौक, रानीडिहा, मोहदद़ीपुर, दरगहिया जैसे तमाम स्थानों से निराश होकर लौटना पड़ा। इन स्थाहनों पर सुबह-सुबह बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में पहुंचते हैं।
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