आम लोगों पर सख्त, सरकारी बकायेदारों पर नरम हुआ नगर निगम
गोरखपुर: घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के बकायेदारों से टैक्स जमा कराने में जुटा नगर निगम प्रशासन सरकारी बकायेदारों पर सख्ती नहीं कर रहा है। नोटिस के बाद भी सरकारी बकायेदार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। दूसरी तरफ, घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के बकायेदार अब तक दो करोड़ रुपये से ज्यादा जमा कर चुके हैं।
*एकमुश्त टैक्स जमा करने पर ब्याज में 50 फीसद की छूट*
नगर निगम प्रशासन ने छह फरवरी को एकमुश्त टैक्स जमा करने पर ब्याज में 50 फीसद की छूट देने की घोषणा की थी। तय हुआ था कि घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के बकायेदारों को टैक्स जमा करने के लिए जागरूक किया जाएगा। जो टैक्स नहीं जमा करेंगे, उनके नाम का सार्वजनिक प्रकाशन कराकर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी बकायेदारों से टैक्स जमा कराने के लिए नगर निगम के अफसरों को जिम्मेदारी दी गई थी। निर्देश थे कि अफसर सरकारी विभागों के जिम्मेदारों से मुलाकात कर टैक्स जमा करने के लिए कहेंगे। नगर निगम के अफसरों ने सरकारी विभागों में जाकर टैक्स जमा करने के लिए बात भी की, लेकिन अब तक रुपये जमा होने नहीं शुरू हुए।
*जोन एक में सबसे ज्यादा बकायेदार*
नगर निगम के जोन एक में सरकारी विभागों पर 61.89 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा शहर के अन्य तीन जोन में सरकारी विभागों पर तकरीबन चार करोड़ रुपये बकाया है।
*यह हैं सबसे बड़े सरकारी बकायेदार*
ए फ्लैग श्रेणी 12.46 करोड़
डीएम कार्यालय 6.94 करोड़
बिजली निगम 6.33 करोड़
एमपी इंटर कॉलेज 6.31 करोड़
गोरखपुर विश्वविद्यालय 4.94 करोड़
राजकीय विद्यालय 3.72 करोड़
एमएमएमयूटी 3.67 करोड़
पीडब्लूडी 3.10 करोड़
सेंट एंड्रयूज कॉलेज 2.63 करोड़
जीडीए 2.60 करोड़
मंडी समिति 1.56 करोड़
डीवीएनडीसी कॉलेज 1.19 करोड़
(नोट : ए फ्लैग श्रेणी में दूरसंचार, सदर अस्पताल, गन्ना विकास संस्थान, डाकघर, टेलीफोन एक्सचेंज, जीडीए रेलवे स्टेशन, नलकूप कार्यालय, डीआरडीए, एसएसपी कार्यालय शामिल हैं।)
“घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के बकायेदार तेजी से टैक्स जमा कर रहे हैं। सरकारी विभागों में नगर निगम के अफसर जाकर टैक्स जमा करने की बात कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले सभी विभागों ने टैक्स जमा करने की बात कही है” *-अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त*
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