तीसरी तिमाही में विकास दर घटकर 4.7 प्रतिशत पर, चालू वित्त वर्ष में पाँच फीसदी रहने का अनुमान
नयी दिल्ली 28 फरवरी (वार्ता) कृषि क्षेत्र में सुधार के बीच विनिर्माण क्षेत्र के निराशाजनक प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर करीब सात साल के निचले स्तर 4.7 प्रतिशत पर आ गयी जबकि दूसरी तिमाही में यह 5.1 प्रतिशत (संशोधित अनुमान) रही थी। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में जीडीपी के पाँच प्रतिशत की गति से बढ़ने का दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया गया है। केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को यहाँ जारी आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रही थी। इस अवधि में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। दूसरे अग्रिम अनुमान को जारी करने के दौरान जिन आँकड़ों का उपयोग किया गया है उनमें कोयला उत्पादन, कच्चा तेल उत्पादन, प्राकृतिक गैस उत्पादन, सीमेंट उत्पादन, स्टील का उपभोग, व्यावसायिक वाहनों की बिक्री, बड़े बंदरगाहों पर माल आवाजाही, हवाई अड्डों पर माल परिवहन, हवाई यात्रियों की संख्या, रेलवे से माल एवं यात्री परिवहन, बैंक में जमा और ऋण उठाव, औद्योगिक उत्पादन, थाेक महँगाई शामिल है। इसमें...