आयकर दाताओं को राहत के लिए वित्त मंत्री से राहत की मांग - संजय सिंघानिया

चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने कहा है कि आगामी 1 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार आम बजट पेश करने जा रही है। इस मौके पर सिंघानिया ने माननीय वित्तमंत्रीजी को भेजे गए पत्र मे मांग की है  की  बजट में  इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया जाए  एवं  इनकम टैक्स  छूट सिमा में भी विस्तार किया जाए  साथी  पेंशन से प्राप्त हो रही आमदनी  पर भी  छूट सीमा बढ़ाई जाने की मांग की है सिंघानिया में वित्त मंत्री को भेजे पत्र में विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा है की इस बजट में पेंशन से होने वाली मासिक आमदनी पर सरकार बजट में बड़ी राहत दे  जिससे लोगों को राहत मिले।  सिंघानिया ने कहा है कि पेंशन प्लान में मौजूदा छूट की सीमा 15,000 रुपये  है इसे बढ़ाकर बढ़ाकर 50,000 रुपये किए जाने की मांग की है।दरअसल, मासिक पेंशन से होने वाली इनकम, आय के अन्य स्रोतों के तहत आती है और टैक्सेबल होती है। इस पर मौजूदा 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा भी नहीं मिलता है। यह मेरी समझ से भेदभावपूर्ण है वित्त मंत्री जी को  इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए फरवरी 2020 के बजट में जरूर न्याय सगत निर्णय लेना चाहिए।      सिंघानिया ने वही वित्त मंत्री जी को भेजे गए पत्र में यह भी मांग की है कि इनकम टैक्स छुट स्लैब सीमा को बढाते हुए टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव  करना मौजूदा समय इस बजट में उक्त लोगों के लिए सरकार का महत्वपूर्ण तोफा  होगा ।
मेरे सुझाव एवं हमारी मांगे निम्न है
  मोजूदा आयकर टैक्स फ्री छुट सीमा बढाने के साथ सालाना 7 लाख से 10 दस लाख रुपये तक की कमाई पर 5% टैक्स दर किया जाएं । मौजूदा समय में सालाना 5 लाख रुपये तक की कमाई पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। वहीं 5 से 10 लाख रुपये तक की कमाई पर 20 फीसदी टैक्स लगता है।जो मेरी समझ से उक्त लोगों पर टैक्स दर बहुत ही अधिक है जिसे इस बजट में टैक्स दर कम कर ऐसे लोगों के साथ सरकार को न्याय करना चाहिए ।
वहीं सिंधानिया ने इस बजट में यह भी मांग की है कि
10 से 20 लाख रुपये तक की कमाई पर 20 फीसदी टैक्स किया जाएं क्योंकि मौजूदा समय में 10 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगता है जो काफी अधिक है इस पर भी इस बजट में न्याय देना चाहिए ऐसे ही बडे आय वालों पर मौजूदा टैक्स दर को घटाते हुए इस बजट में राहत देने चाहिए जो सरकार कि तरफ से उक्त लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण तोफा होगा वही आयकर स्कुटनी मैं आयकरदाता के उत्पीड़न पर पुरी तरह से रोक लगाई जाए उक्त कि पुरी सुनवाई आनलाइन कि जाए आयकर दाता को राहत दी जाए  हम उपरोक्त प्रकरण मैं दी गई राहत के लिए आप माननीय जी के सदैव अभारी रहेंगे ।


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