पुलिस ने छात्रों के कैंडल मार्च की सीसीटीवी फुटेज मांगी एएमयू प्रशासन से
अलीगढ़, 25 दिसम्बर (वार्ता) अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में नागरिक (संशोधन)कानून के विरोध में हुए बवाल के बाद दो दिन पहले कैंडल मार्च में शामिल छात्र-छात्राओं की पहचान के लिए पुलिस ने वहां के प्रशासन से फुटेज मांगी है।
सूत्रों ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंन बताया कि एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के विरोध में प्रदर्शन जारी है। वहां छात्राओं का धरना पिछले सात दिनों से चल रहा है। इतना ही नहीं वहां के शिक्षक भी तीन बार विरोध मार्च निकाल चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टरों भी ट्रामा सेंटर के बाहर हर दिन दो घंटे तक प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहे है।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में सोमवार को सोशल मीडिया पर एएमयू छात्रों के छात्रों का एक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें शाम पांच बजे कैंडल मार्च निकालने के लिए विश्वविद्यालय के चुंगी गेट पर इकट्ठा होने का उल्लेख किया गया था। उसके आधार पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं वहां जमा हो गये थे। सभी ने हाथों में कैंडल लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। छात्रों ने सरकार, पुलिस और एएमयू प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
इस मामले में पुलिस की ओर से धारा 144 का उल्लंघन करने पर थाना सिविल लाइन में मंगलवार को अज्ञात 1200 छात्र-छात्राओं के खिलाफ धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से एएमयू में निकाले गए मार्च में शामिल छात्र-छात्राओं की पहचान के लिए वहां के प्रशासन से पत्राचार किया और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी गई है। जिससे छात्र-छात्रओं की पहचान हो सके।
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