वैज्ञानिकों ने 2026-27 में भारत को एक मज़बूत अल नीनो के संभावित ख़तरे की चेतावनी दी
नयी दिल्ली, 20 सितंबर (वार्ता) वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारत को 2026-27 में संभावित रूप से तेज़ अल नीनो घटना से ज़्यादा जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव से देश में मानसूनी बारिश, लू, पानी की उपलब्धता और पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है। 16 सितंबर को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 180 से ज़्यादा भारतीय पर्यावरण एवं जलवायु शोधकर्ताओं ने तेज़ होते अल नीनो के संभावित असर का पता लगाने के लिए बेहतर निगरानी और समय पर तैयारी करने की मांग की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम की चरम घटनाओं से पहले निगरानी प्रणाली को मज़बूत करने से संभावित असर से निपटने के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है। अल नीनो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के असामान्य रूप से गर्म होने से जुड़ी एक मौसमी घटना है और दुनिया भर में मौसम के पैटर्न पर असर डाल सकती है। भारत में, अल नीनो की घटनाओं का संबंध मानसून की बारिश में बदलाव और गर्मी से जुड़े जोखिम के बढ़ने से रहा है, हालांकि हर घटना की तीव्रता और असर अलग-अलग हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ...