एक ही मामले में बार.बार याचिका फोरम हंटिगः उच्च न्यायालय
प्रयागराज, (दिनेश तिवारी ) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक ही मामले में बार.बार याचिका दायर किए जाने को फोरम हंटिंग का उदाहरण बताते हुए अनुचित निरूपित किया है। तीसरी बार दायर याचिका खारिज करते हुए कहा है कि याची के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है। न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि एक ही मामले में दूसरी बार सीआरपीसी के 482 क्वैशिंग पिटीशन ( रद्दीकरण याचिका ) दायर करना संभव नहीं है , अगर पहले से ही सभी तर्क और साक्ष्य उपलब्ध थे। हालांकि यह नियम सभी मामलों में लागू नहीं होता। यह प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार क्वैशिंग पिटीशन दायर करना चाहता है तो उसे यह साबित करना होगा कि परिस्थितियों में बदलाव आया है। विधिक मंच का दुरुपयोग रोकने के लिए यह आवश्यक है कि अदालतें इस तरह की पिटीशनों को सावधानी से सुनें और निर्णय लें। मुकदमे से जुड़े संक्षिप्त तथ्य यह हैं कि याची रामदु...