मदर डेयरी ने पेश किया पर्यावरण अनुकूल 'मिल्क पाउच', मिट्टी में पड़ कर स्वत: गल-पच जाएगा
नयी दिल्ली, 02 जून (वार्ता) दूध एवं दुग्ध उत्पादों के विकास की प्रमुख संस्था एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी मदर डेयरी ने पहली बार पैकिंग के लिए एक ऐसा मिल्क पाउच प्रस्तुत किया है जो एक बार इस्तेमाल के बाद मिट्टी में मिल कर धीरे धीरे गल-पच जाएगा। एनडीडीबी के अध्यक्ष डाॅ मीनेश शाह ने मंगलवार को यहां कहा कि पर्यावरण और पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते मदर डेयरी ने जैविक तरीके से गल-पच कर मिट्टी बन जाने वाले विशेष डीग्रेडेबल उत्पाद से तैयार पाउच का उपयोग करने का फैसला किया है। इसे मदर डेयरी के लोकप्रिय गाय के दूध की पैकिंग में इस्तेमाल किया जाएगा और इसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को की जाएगी। इस डिग्रेडेबल पैकेजिंग में ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल किया गया है जो दूध की थैली को बायोअवेलेबल-वैक्स (जैविक मोम) में बदलने में सहायक बनाती है। उस बायोअवेलेबल वैसक्स को मिट्टी में मौजूद माइक्रोब्स सूक्षम टुकड़ों में विभाजित करके प्राकृतिक तत्वों में बदल देते हैं। उन्होंने बताया कि इस पाउच की सामग्री को ऐसे डिजाइन किया गया है कि यह कुछ ही वर्षों मे...